Thursday, August 7, 2014

उड़ान-विमोचन के कुछ यादगार पल

























































उड़ान-एक अनुभूति (लोकार्पण संध्या )


5 अगस्त २०१४ की सावन की फुहारों से भीगी कोलकाता महानगरी के कोलाहल में एक शाम थोड़ी केन्द्रित और भावभीनी सी गुजरी, जब सीताराम सेकसरिया हॉल,भारतीय भाषा परिषद,३६-A,शेक्सपीयर सारणी में राष्ट्रीय-अन्तराष्ट्रीय-क्षेत्रीय कवि-रत्नों के सानिध्य में शुक्तिका प्रकाशन के वार्षिकांक “निर्झरिका” और त्रैमासिक पत्रिका “उड़ान-एक अनुभूति” का लोकार्पण तथा कवि-सम्मेलन हुआ| इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री साधन पाण्डेय जी
(उपभोक्ता मंत्री -पश्चिम बंगाल),श्री आलोक श्रीवास्तव (प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार एवं वरिष्ठ पत्रकार),श्री गिरीश एन.पाण्डेय (प्रधान मुख्य आयुक्त आयकर , कोलकाता) ने सम्भाली तथा कार्यक्रम का संचालन कुँवर प्रीतम तथा आलोक भट्टाचार्य जैसे प्रतिष्ठित पत्रकार तथा कवि-गण ने किया| सरस्वती वन्दना एवं दीप प्रज्वलन के पश्चात शुक्तिका प्रमुख श्री सुरेश चौधरी, सम्पादक अंशु त्रिपाठी तथा श्लेष राठौर उल्फत जी ने अपने कथनों से कार्यक्रम का आरम्भ किया| वातावरण बहुत भावनात्मक परन्तु सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा| दोनों पुस्तकों के लोकार्पण के बाद एक अविस्मरणीय कवि-सम्मेलन में श्रोताओं को जैसे बाँध कर रख लिया| बाहर मूसलाधार बारिश और अंदर कवि मित्रों की एक से बढ़ कर एक प्रस्तुति ने परस्पर के साथ खूब रंग जमाया|
प्रमुख कवियों में आलोक भट्टाचार्य, आलोक श्रीवास्तव, सर्वेश अस्थाना, अंशु त्रिपाठी,श्लेष राठौर, अशोक शर्मा, निवेदिता दिनकर, राज रंजन ,नन्द लाल रोशन , कुमार रुसवा और कई अन्य कवियों ने काव्य-रस में पूरे वातावरण को सराबोर कर के रख दिया| प्रकाशन मंडल ने सभी सदस्यों, कवि-मित्रों एवं विशिष्ट अतिथियों को इस मौके पर स्मृति-चिह्न तथा पुस्तकों का उपहार भी प्रदान किया| इस कार्यक्रम में स्वल्पाहार तथा प्रकाशन की पुस्तकों का प्रदर्शन तथा बिक्री का भी प्रतिभागियों तथा आगंतुकों ने भरपूर मजा उठाया|